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संक्षिप्त परिचय:

सदस्य सचिव डेस्क

 

प्रोफेसर रजनीश कुमार शुक्ल

सदस्य सचिव
भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद
36 तुगलकाबाद इंस्टीट्यूशनल एरिया
नई दिल्ली – 110 062
दूरभाष +91-11- 2990 1506 ; 2990 1505
फैक्स: +91-11-29964750
ई मेल : ms.rks@icpr.in

प्रो. रजनीश कुमार शुक्ला, वर्तमान में, भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सदस्य सचिव पद पर कार्यरत् हैं। आप मूलतः समपूर्णान्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में तुलनात्मक दर्शन और धर्म के प्रोफेसर हैं। इसके साथ ही, आप माननीय राष्ट्रपति द्वारा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कोर्ट के नामांकित सदस्य भी हैं। आप हरियाणा राज्य शिक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य रूप में उच्च शिक्षा के पुनर्गठन और सुधार में योगदान दे रहे हैं। साथ ही आप नई दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के वाराणसी क्षेत्र के सलाहकार समिति के सदस्य भी हैं।
आपने महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से स्नातक एवं परास्नातक की उपाधि एवं बीएचयू से दर्शनशास्त्र में पीएचडी की उपाधि प्राप्ति की है।
आप 1991 से ही सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी में तुलनात्मक धर्म एवं दर्शन विभाग में अध्यापन कार्य कर कररत् रहे हैं। आप तीन साल के तीन कार्यकाल पर्यन्त वहाँ विभागाध्यक्ष भी रहे हैं। आप दर्शनशास्त्र संकाय के संकायाध्यक्ष भी रहे हैं।
प्रोफेसर शुक्ला द्वारा सात पुस्तकें लिखी गई हैं और आपके सौ से ज्यादा शोध पत्र, आलेख, देश और विदेश की विभिन्न शोध पत्रिकाओं आदि में प्रकाशित हुए हैं।
आप कुलसचिव, कार्यकारी परिषद के सदस्य और निदेशक, कॉलेज विकास परिषद और अन्य कई पदों के रूप में अपने विश्वविद्यालय में सेवा दी है।
प्रो. रजनीश कुमार शुक्ला ने उत्तर प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर स्तर के नाम "राष्ट्र गौरव" नामक एक अनिवार्य कार्यक्रम तैयार करने का योगदान दिया है। उन्होंने एक पुस्तक 'राष्ट्र गौरव' को संपादित और लिखा है, जिसे विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा प्रकाशित किया गया है, विशेषतः लखनऊ विश्वविद्यालय।
आप अखिल भारतीय दर्शन परिषद (अ.भा.द.परि.) के तिमाही शोध पत्रिका,  दार्शनिक त्रैमासिक के पाँच वर्षों तक मुख्य संपादक, अ.भा.द.परि. के संयुक्त सचिव भी रहे हैं।
आपके कई समाचार पत्रों में लेख और स्तंभ लिखते रहे हैं, जैसे दैनिक जागरण, अमर उजाला, नवभारत टाइम्स और संस्कृति, धर्म और शिक्षा पर राष्ट्रीय सहारा।
यह भी उल्लेखनीय है कि आप सिक्किम के प्रथम राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना समिति के सदस्य एवं आचार्य अभिनवगुप्त सहस्राब्दी समारोह समिति के सचिव हैं।