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संगठनात्मक ढांचा भा.दा.अनु.परि.:

शासी निकाय का संगठनात्मक स्वरूप

परिषद् तीन वर्ष की अवधि के लिए शासी निकाय का गठन करेगी और शासी निकाय निम्नलिखित से मिलकर बनेगी :
परिषद् के संगठन के ज्ञापन दस्तावेज (Memorandum of Association) में उल्लेखानुसार विधानों को शासी निकाय परिषद् के कार्यों को प्रशासित/अग्रसारित करेगा। परिषद् के मामले शासी निकाय द्वारा प्रशासित, निर्देशन और नियंत्रित होंगे। 1860 के अधिनियम XXI के तहत् परिषद् का शासी निकाय निम्न में से मिलकर बनता है:
(क) अध्यक्ष;
(ख) वार्षिक आम बैठक में परिषद् द्वारा नियुक्त कम से कम 3 या अधिक से अधिक 8 सदस्य;
(ग) शिक्षा और समाज कल्याण (शिक्षा विभाग) के मंत्रालय का एक प्रतिनिधि;
(घ) वित्त मंत्रालय का एक प्रतिनिधि;
(ङ) उत्तर प्रदेश सरकार के दो प्रतिनिधि, * और
(च) सदस्य सचिव.
इस विषय के रूप में जैसा कि आगे समझा जाएगा, सदस्यों का कार्यकाल एक बार में तीन वर्ष का होगा।